नीति शास्त्रशतक / मुक्तक काव्य
नीतिशतकम्
भर्तृहरि नीतिशतकम्
Bhartrihari5th–7th Century CEशतक / मुक्तक काव्य
पंडित और मूर्ख के बीच के अंतर को चित्रित करने वाले सौ सूक्ति-श्लोकों का संग्रह, जिसमें भर्तृहरि ने तीक्ष्ण व्यंग्य और प्रकृति के जीवंत चित्रों के माध्यम से भारतीय नीति-विज्ञान के सार को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया है। संस्कृत नीतिकाव्य की परंपरा में यह रचना एक अनमोल रत्न के समान है।
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सुभाषितम्
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