मुख्य सामग्री पर जाएँ
Abyasam
Abyasam

आधुनिक शिक्षा और प्रौद्योगिकी के माध्यम से भारतीय संस्कृति के गहन ज्ञान को संरक्षित और प्रसारित करने के लिए समर्पित।

सीखें

  • सामाजिक संस्कृत
  • भक्ति संस्कृत
  • प्रश्नोत्तरी
  • शब्दकोश

अन्वेषण करें

  • उपकरण
  • सुभाषितम्
  • ग्रन्थाः
  • ऋषि
  • त्योहार
  • कहानियाँ और लेख
  • ब्लॉग
  • धार्मिक डिज़ाइन स्टूडियो

समुदाय

  • योगदानकर्ता
  • सामग्री का योगदान करें

जुड़ें

© 2026 अभ्यासम। सर्वाधिकार सुरक्षित।

गोपनीयता नीतिसेवा की शर्तें
ग्रन्थों पर वापस जाएँ
श्रुतिसंहिता / श्रुति

ऋग्वेदः

ऋग्वेद

Vedic Rishis (Shruti)c. 1500–1200 BCEसंहिता / श्रुति

चारों वेदों में सबसे प्राचीन, दस मण्डलों में 1,028 सूक्तों के साथ अग्नि, इन्द्र, वरुण और प्रकृति-शक्तियों की स्तुति करता है। 'एकं सत् विप्रा बहुधा वदन्ति' के माध्यम से हिंदू विश्वव्यापकता की नींव रखी गई है — सत्य एक है, ज्ञानीजन उसे अनेक नामों से पुकारते हैं। संपूर्ण भारतीय आध्यात्मिकता का मूलस्रोत यही वेद है।

0

सुभाषितम्

इस ग्रन्थ के सुभाषितम्

अभी तक कोई सुभाषितम् सूचीबद्ध नहीं।