वेदान्तदार्शनिक महाकाव्य
योगवासिष्ठम्
योगवासिष्ठ
Attributed to Valmiki / Vasistha tradition10th–14th Century CEदार्शनिक महाकाव्य
निराशा में डूबे युवा राम को वशिष्ठ महर्षि ने असाधारण अंतर्गर्भित कथाओं के माध्यम से तत्त्वज्ञान का उपदेश दिया। संसार शुद्ध चेतना है, बंधन और मोक्ष दोनों मानसिक रचनाएँ हैं, और पुरुष प्रयत्न ही मोक्ष का प्रमुख साधन है — इस अद्वैत वेदांत को यह ग्रंथ सिद्ध करता है।
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सुभाषितम्
इस ग्रन्थ के सुभाषितम्
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