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श्रुतिउपनिषद्

महोपनिषद्

महोपनिषद्

Vedic Seers (Shruti)1st–4th Century CEउपनिषद्

'वसुधैव कुटुम्बकम्' — संपूर्ण विश्व एक परिवार है — इस प्रसिद्ध सूक्ति का मूलस्रोत यही उपनिषद् है। अद्वैत वेदांत के दर्शन का प्रतिपादन करते हुए यह बताता है कि मुक्त ज्ञानी अद्वैत दृष्टि से समस्त प्राणियों को अपना कुटुंब मानता है। सार्वभौमिक मानवतावाद को वैदिक प्रमाण देने वाला यह अत्यंत महत्त्वपूर्ण ग्रंथ है।

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