वेदान्तप्रकरण (दार्शनिक ग्रंथ)
विवेकचूडामणिः
विवेकचूडामणि
Adi Shankaracharya8th Century CEप्रकरण (दार्शनिक ग्रंथ)
शंकराचार्य की अद्वैत वेदांत की महान कृति 580 श्लोकों में सत्-असत् के विवेक के माध्यम से साधक को शुद्ध चेतना के साथ अपनी एकता को साक्षात् पहचानने का मार्गदर्शन करती है। मोक्ष के लिए श्रवण, मनन और निदिध्यासन रूपी त्रिविध साधना पर विशेष बल दिया गया है।
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सुभाषितम्
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