वेङ्कटेश्वर अष्टकम् तिरुमला के भगवान वेङ्कटेश्वर की स्तुति में आठ श्लोकों का स्तोत्र है। यह ब्रह्माण्ड पुराण के वेङ्कटगिरि माहात्म्य प्रकरण से है, जो ब्रह्मा और नारद के संवाद में कहा गया — जैसा स्तोत्र की अपनी पुष्पिका बताती है। आठों श्लोक भगवान के नामों की माला हैं, और आगे की फलश्रुति कहती है कि त्रिकाल पाठ करने वाला पाप, शत्रु-भय, भूत-पिशाच भय तथा सब प्रकार के बन्धन से मुक्त होता है।
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