SubhashitamAnushtubh
एक एव खगो मानी चिरञ्जीवतु चातकः । म्रियते वा पिपासार्तो याचते वा पुरन्दरम् ॥
संसार में एक ही स्वाभिमानी पक्षी है — चातक! चिरजीवी रहे। प्यास से मर जाएगा, परन्तु केवल इन्द्र से ही याचना करेगा।
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self-respectChataka birdpridedignity