गुणवन्तः क्लिश्यन्ते प्रायेण

Subhashitam

गुणवन्तः क्लिश्यन्ते प्रायेण भवन्ति निर्गुणाः सुखिनः । बन्धनमायान्ति शुकाः यथेष्टसञ्चारिणः काकाः ॥

गुणवन्तःगुणवान
क्लिश्यन्तेक्लेश पाते हैं
प्रायेणप्रायः
भवन्तिहोते हैं
निर्गुणाःनिर्गुण
सुखिनःसुखी
बन्धनम्बंधन / कैद
आयान्तिपहुँचते हैं / पाते हैं
शुकाःतोते
यथेष्टम्इच्छानुसार / यथेच्छ
सञ्चारिणःघूमने वाले
काकाःकौए

गुणवान प्रायः क्लेश पाते हैं, और निर्गुण सुखी रहते हैं। सुन्दर तोते पिंजरे में बंद होते हैं, और कौए यथेष्ट स्वच्छन्द घूमते हैं।

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