Shukra NitiAnushtubh
क्रोधो वैवस्वतो राजा तृष्णा वैतरणी नदी । विद्या कामदुघा धेनुः सन्तोषो नन्दनं वनम् ॥
क्रोध साक्षात् यमराज है, तृष्णा वैतरणी नदी है, विद्या कामधेनु है, और सन्तोष ही नन्दन वन (स्वर्ग) है।
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क्रोधो वैवस्वतो राजा तृष्णा वैतरणी नदी । विद्या कामदुघा धेनुः सन्तोषो नन्दनं वनम् ॥
क्रोध साक्षात् यमराज है, तृष्णा वैतरणी नदी है, विद्या कामधेनु है, और सन्तोष ही नन्दन वन (स्वर्ग) है।
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