SubhashitamAnushtubh
क्षुत् तृट् आशाः कुटुम्बिन्यो मयि जीवति नान्यगाः । तासाम् आशा महासाध्वी कदाचित् मां न मुञ्चति ॥
क्षुधा, तृष्णा और आशा — ये तीन कुटुम्बिनी हैं जो जीवित रहते नहीं छोड़तीं। इनमें आशा महासाध्वी कभी नहीं छोड़ती।
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