SubhashitamAnushtubh
कुसुमं वर्णसम्पन्नं गन्धहीनं न शोभते । न शोभते क्रियाहीनं मधुरं वचनं तथा ॥
रंगीन किन्तु गन्धहीन पुष्प शोभा नहीं देता; वैसे ही क्रियाहीन मधुर वचन भी शोभा नहीं देते।
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कुसुमं वर्णसम्पन्नं गन्धहीनं न शोभते । न शोभते क्रियाहीनं मधुरं वचनं तथा ॥
रंगीन किन्तु गन्धहीन पुष्प शोभा नहीं देता; वैसे ही क्रियाहीन मधुर वचन भी शोभा नहीं देते।
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