SubhashitamAnushtubh
लोभमूलानि पापानि सङ्कटानि तथैव च । लोभात्प्रवर्तते वैरं अतिलोभाद्विनश्यति ॥
पाप और संकट — दोनों का मूल लोभ है। लोभ से वैर उत्पन्न होता है और अति लोभ से विनाश।
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लोभमूलानि पापानि सङ्कटानि तथैव च । लोभात्प्रवर्तते वैरं अतिलोभाद्विनश्यति ॥
पाप और संकट — दोनों का मूल लोभ है। लोभ से वैर उत्पन्न होता है और अति लोभ से विनाश।
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