SubhashitamAnushtubh
नमन्ति फलिनो वृक्षा नमन्ति गुणिनो जनाः । शुष्ककाष्ठाश्च मूर्खाश्च न नमन्ति कदाचन ॥
फलदार वृक्ष झुकते हैं, गुणी लोग भी विनम्र होते हैं। परन्तु सूखी लकड़ी और मूर्ख — कभी नहीं झुकते।
humilityvirtuepridebowing
नमन्ति फलिनो वृक्षा नमन्ति गुणिनो जनाः । शुष्ककाष्ठाश्च मूर्खाश्च न नमन्ति कदाचन ॥
फलदार वृक्ष झुकते हैं, गुणी लोग भी विनम्र होते हैं। परन्तु सूखी लकड़ी और मूर्ख — कभी नहीं झुकते।
मुफ़्त। हर दिन एक श्लोक। कभी भी अनसब्सक्राइब करें।
हम केवल श्लोक भेजेंगे। कोई स्पैम नहीं, कोई साझा नहीं।