पिपीलिकार्जितं धान्यं

Subhashita Ratna Bhandagara

पिपीलिकार्जितं धान्यं मक्षिकासञ्चितं मधु । लुब्धेन सञ्चितं द्रव्यं समूलं हि विनश्यति ॥

पिपीलिकाचींटियाँ
मक्षिकामधुमक्खियाँ
लुब्धेनलोभी द्वारा
समूलम्समूल / जड़ सहित
हिनिश्चय ही

चींटियों का जमा किया अनाज, मधुमक्खियों का जमा किया शहद, और लोभी का जमा किया धन, सब समूल नष्ट हो जाता है।

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