SubhashitamAnushtubh
प्रथमे नार्जिता विद्या द्वितीये नार्जितं धनम् । तृतीये नार्जितं पुण्यं चतुर्थे किं करिष्यति ॥
यदि पहले आश्रम में विद्या अर्जित नहीं की, दूसरे में धन, तीसरे में पुण्य — तो चौथे आश्रम में व्यक्ति क्या करेगा?
abyasam.com/hi/subhashitam/sub-prathame-narjita-vidya-081
ashramasfour stages of lifeprioritiestime