सम्प्राप्य भारते जन्म

Subhashitam

सम्प्राप्य भारते जन्म सत्कर्मसु पराङ्मुखः । पीयूषकलशं हित्वा विषभाण्डं स इच्छति ॥

भारतेभारत में
सत्कर्मसुसत्कर्मों में
पीयूषकलशम्अमृत-कलश
विषभाण्डम्विष-पात्र

भारत में जन्म पाकर जो सत्कर्मों से विमुख है, वह अमृत-कलश छोड़कर विष-पात्र चुनने वाले के समान है।

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