SubhashitamAnushtubh
सर्पः क्रूरः खलः क्रूरः सर्पात् क्रूरतरः खलः । सर्पः शाम्यति मन्त्रैश्च दुर्जनः केन शाम्यति ॥
सर्प क्रूर है, दुर्जन भी क्रूर — परन्तु सर्प से भी दुर्जन अधिक क्रूर है। सर्प मन्त्र से शान्त हो जाता है; दुर्जन किससे शान्त होगा?
abyasam.com/hi/subhashitam/sub-sarpah-krurah-khalah-057
wickedsnakecrueltymantra