Gītā Dhyāna ŚlokaAnushtubh
सर्वोपनिषदो गावो दोग्धा गोपालनन्दनः । पार्थो वत्सः सुधीर्भोक्ता दुग्धं गीतामृतं महत् ॥
सभी उपनिषद गाएँ हैं, दोग्धा गोपालनन्दन (कृष्ण) हैं। पार्थ (अर्जुन) वत्स है, सुधी भोक्ता है और दुग्ध महान गीतामृत है।
GitaUpanishadKrishna