स्थानभ्रष्टाः न शोभन्ते

Subhashitam

स्थानभ्रष्टाः न शोभन्ते दन्ताः केशाः नखा नरः । इति विज्ञाय मतिमान् स्वस्थानं न परित्यजेत् ॥

स्थानभ्रष्टाःस्थान से भ्रष्ट
दन्ताःदाँत
केशाःकेश

स्थान से भ्रष्ट होने पर दाँत, केश, नख और नर शोभा नहीं पाते। यह जानकर बुद्धिमान् अपना स्थान न छोड़े।

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