उत्साहसम्पन्नमदीर्घसूत्रं

Subhashitam

उत्साहसम्पन्नमदीर्घसूत्रं क्रियाविधिज्ञं व्यसनेष्वसक्तम् । शूरं कृतज्ञं दृढसौहृदं च लक्ष्मीः स्वयं याति निवासहेतोः ॥

उत्साहसम्पन्नम्उत्साह से युक्त
अदीर्घसूत्रम्तत्पर / देर न करने वाला
शूरम्शूर
कृतज्ञम्कृतज्ञ
लक्ष्मीःलक्ष्मी

उत्साह, तत्परता, कर्मविधि का ज्ञान, व्यसनों से दूरी, शूरता, कृतज्ञता और दृढ़ मित्रता, ये गुण जिसमें हों, लक्ष्मी स्वयं उसके पास निवास के लिए आती है।

effortprosperity

हर सुबह एक संस्कृत श्लोक, अर्थ सहित — अपने ईमेल पर।

मुफ़्त। हर दिन एक श्लोक। कभी भी अनसब्सक्राइब करें।

हम केवल श्लोक भेजेंगे। कोई स्पैम नहीं, कोई साझा नहीं।