SubhashitamVasantatilaka
उत्साहसम्पन्नमदीर्घसूत्रं क्रियाविधिज्ञं व्यसनेष्वसक्तम् । शूरं कृतज्ञं दृढसौहृदं च लक्ष्मीः स्वयं याति निवासहेतोः ॥
उत्साह, तत्परता, कर्मविधि का ज्ञान, व्यसनों से दूरी, शूरता, कृतज्ञता और दृढ़ मित्रता — ये गुण जिसमें हों, लक्ष्मी स्वयं उसके पास निवास के लिए आती है।
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