वरमेको गुणी पुत्रो

Subhashitam

वरमेको गुणी पुत्रो न च मूर्खशतान्यपि । एकश्चन्द्रस्तमो हन्ति न च तारागणोऽपि च ॥

गुणीगुणी
पुत्रःपुत्र
चन्द्रःचन्द्रमा
तारागणःतारागण

एक गुणी पुत्र श्रेष्ठ है, सैकड़ों मूर्ख नहीं। एक चन्द्रमा अन्धकार हरता है, तारागण भी नहीं हर पाता।

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