आहारनिद्राभयमैथुनं च

MahabharataShantiparva 294.29

आहारनिद्राभयमैथुनं च सामान्यमेतत् पशुभिर्नराणाम् । धर्मो हि तेषामधिको विशेषः धर्मेण हीनाः पशुभिः समानाः ॥

आहारःआहार
निद्रानिद्रा
भयम्भय
मैथुनम्सन्तानोत्पत्ति
चऔर
सामान्यम्समान
एतत्यह
पशुभिःपशुओं के साथ
नराणाम्मनुष्यों का
धर्मःधर्म
हिनिश्चय ही
तेषाम्उनका
अधिकःअधिक
विशेषःविशेषता
धर्मेणधर्म से
हीनाःरहित
समानाःसमान

आहार, निद्रा, भय और सन्तानोत्पत्ति, ये पशुओं और मनुष्यों दोनों में समान हैं। धर्म ही मनुष्य की विशेषता है; धर्म के बिना मनुष्य पशु के समान है।

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