अश्वं नैव गजं नैव

अश्वं नैव गजं नैव व्याघ्रं नैव च नैव च । अजापुत्रं बलिं दद्यात् देवो दुर्बलघातकः ॥

अश्वम्घोड़ा
नैवनहीं ही
गजम्हाथी
व्याघ्रम्बाघ
अजापुत्रम्बकरे का पुत्र / मेमना
बलिम्बलि
दद्यात्दी जाती है
देवःईश्वर / देव
दुर्बलघातकःदुर्बल का घातक

न घोड़े की बलि दी जाती है, न हाथी की, न बाघ की। केवल बकरे के पुत्र (मेमने) की बलि दी जाती है। ईश्वर भी दुर्बल को ही मारता है।

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