महाजनस्य संसर्गः

Subhashitam

महाजनस्य संसर्गः कस्य नोन्नतिकारकः । पद्मपत्रस्थितं तोयं धत्ते मुक्ताफलश्रियम् ॥

महाजनस्यमहान् पुरुषों का
संसर्गःसंसर्ग / संग
उन्नतिकारकःउन्नति करने वाला
पद्मपत्रकमल का पत्ता
तोयम्जल
मुक्ताफलश्रियम्मोती की शोभा

महान् पुरुषों का संसर्ग किसकी उन्नति नहीं करता? कमल के पत्ते पर ठहरा जल भी मोती-सा शोभा पाता है।

companywisdomvirtueeducation

हर सुबह एक संस्कृत श्लोक, अर्थ सहित — अपने ईमेल पर।

मुफ़्त। हर दिन एक श्लोक। कभी भी अनसब्सक्राइब करें।

हम केवल श्लोक भेजेंगे। कोई स्पैम नहीं, कोई साझा नहीं।