मुक्तसङ्गोऽनहंवादी धृत्युत्साहसमन्वितः । सिद्ध्यसिद्ध्योर्निर्विकारः कर्ता सात्त्विक उच्यते ॥
आसक्ति से मुक्त, अहंकार रहित, धैर्य और उत्साह से युक्त, सफलता-असफलता में समान — ऐसा कर्ता सात्त्विक कहलाता है।
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मुक्तसङ्गोऽनहंवादी धृत्युत्साहसमन्वितः । सिद्ध्यसिद्ध्योर्निर्विकारः कर्ता सात्त्विक उच्यते ॥
आसक्ति से मुक्त, अहंकार रहित, धैर्य और उत्साह से युक्त, सफलता-असफलता में समान — ऐसा कर्ता सात्त्विक कहलाता है।
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