Bhartrihari NitishatakaUpajati
सम्पूर्णकुम्भो न करोति शब्दं अर्धो घटो घोषमुपैति नूनम् । विद्वान् कुलीनो न करोति गर्वं गुणैर्विहीना बहु जल्पयन्ति ॥
सम्पूर्णकुम्भःपूरा भरा घड़ा
शब्दम्आवाज़
अर्धःआधा
घटःघड़ा
घोषम्शोर
कुलीनःकुलीन
गर्वम्अभिमान
गुणैर्विहीनाःगुणहीन
जल्पयन्तिअधिक बोलते हैं
पूरा भरा घड़ा आवाज़ नहीं करता; आधभरा घड़ा ही शोर मचाता है। कुलीन विद्वान अभिमान नहीं करते; जिनमें गुण नहीं, वे ही अधिक बोलते हैं।
humilitypridewisdomhalf-knowledge