सं गच्छध्वं सं वदध्वं सं वो मनांसि जानताम् । देवा भागं यथा पूर्वे सञ्जानाना उपासते ॥
साथ-साथ चलो, साथ-साथ बोलो, तुम्हारे मन एक हों — जैसे प्राचीन काल में देवता एक-दूसरे के मन को जानकर मिलकर कर्तव्य निभाते थे।
unityharmony
सं गच्छध्वं सं वदध्वं सं वो मनांसि जानताम् । देवा भागं यथा पूर्वे सञ्जानाना उपासते ॥
साथ-साथ चलो, साथ-साथ बोलो, तुम्हारे मन एक हों — जैसे प्राचीन काल में देवता एक-दूसरे के मन को जानकर मिलकर कर्तव्य निभाते थे।
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