SubhashitamAnushtubh
सूतो वा सूतपुत्रो वा यो वा को वा भवाम्यहम् । दैवायत्तं कुले जन्म मदायत्तं तु पौरुषम् ॥
सूतःसूत
दैवायत्तम्दैव के अधीन
मदायत्तम्मेरे अपने अधीन
पौरुषम्पौरुष
मैं सूत हूँ या सूतपुत्र, जो भी हूँ, कुल में जन्म तो दैव के अधीन है, परन्तु पौरुष मेरे अपने अधीन है।
meritbirth