सूतो वा सूतपुत्रो वा

Subhashitam

सूतो वा सूतपुत्रो वा यो वा को वा भवाम्यहम् । दैवायत्तं कुले जन्म मदायत्तं तु पौरुषम् ॥

सूतःसूत
दैवायत्तम्दैव के अधीन
मदायत्तम्मेरे अपने अधीन
पौरुषम्पौरुष

मैं सूत हूँ या सूतपुत्र, जो भी हूँ, कुल में जन्म तो दैव के अधीन है, परन्तु पौरुष मेरे अपने अधीन है।

meritbirth

हर सुबह एक संस्कृत श्लोक, अर्थ सहित — अपने ईमेल पर।

मुफ़्त। हर दिन एक श्लोक। कभी भी अनसब्सक्राइब करें।

हम केवल श्लोक भेजेंगे। कोई स्पैम नहीं, कोई साझा नहीं।