ये च मूढतमा लोके ये च बुद्धेः परं गताः । त एव सुखमेधन्ते मध्यमः क्लिश्यते जनः ॥
संसार में दो ही प्रकार के लोग सुखी होते हैं — अत्यन्त मूढ़ और बुद्धि से परे पहुँचे ज्ञानी। बीच के साधारण लोग तो क्लेश पाते ही रहते हैं।
wisdomrealismdetachmentknowledge
ये च मूढतमा लोके ये च बुद्धेः परं गताः । त एव सुखमेधन्ते मध्यमः क्लिश्यते जनः ॥
संसार में दो ही प्रकार के लोग सुखी होते हैं — अत्यन्त मूढ़ और बुद्धि से परे पहुँचे ज्ञानी। बीच के साधारण लोग तो क्लेश पाते ही रहते हैं।
मुफ़्त। हर दिन एक श्लोक। कभी भी अनसब्सक्राइब करें।
हम केवल श्लोक भेजेंगे। कोई स्पैम नहीं, कोई साझा नहीं।