युक्तियुक्तं प्रगृह्णीयात्

Subhashita Ratna Bhandagara153.25

युक्तियुक्तं प्रगृह्णीयात् बालादपि विचक्षणः । रवेरविषयं वस्तु किं न दीपः प्रकाशयेत् ॥

युक्तियुक्तम्युक्तिसंगत बात
प्रगृह्णीयात्स्वीकार करना चाहिए
बालात्बालक से
अपिभी
विचक्षणःबुद्धिमान व्यक्ति
रवेःसूर्य का
अविषयम्पहुँच से बाहर
वस्तुवस्तु
किम्क्या
ननहीं
दीपःदीपक
प्रकाशयेत्प्रकाशित करता है

बुद्धिमान व्यक्ति को युक्तिसंगत बात बालक से भी स्वीकार करनी चाहिए। क्या छोटा-सा दीपक उस स्थान को प्रकाशित नहीं करता जहाँ सूर्य नहीं पहुँचता?

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