SubhashitamAnushtubh
दुर्जनः प्रियवादीति नैतद् विश्वासकारणम् । मधु तिष्ठति जिह्वाग्रे हृदये तु हलाहलम् ॥
मधुमधु
जिह्वाग्रेजिह्वाग्र पर
हलाहलम्हलाहल (विष)
दुर्जन प्रियवादी हो तो भी विश्वास मत करो। जिह्वाग्र पर मधु है पर हृदय में हलाहल (विष) है।
wickeddeceptioncaution