नरस्याभरणं रूपं

नरस्याभरणं रूपं रूपस्याभरणं गुणाः । गुणस्याभरणं ज्ञानं ज्ञानस्याभरणं क्षमा ॥

नरस्यमनुष्य का
आभरणम्आभूषण
रूपम्रूप
गुणाःगुण
ज्ञानम्ज्ञान
क्षमाक्षमा

मनुष्य का आभूषण रूप है, रूप का आभूषण गुण है। गुण का आभूषण ज्ञान है, और ज्ञान का आभूषण क्षमा है।

virtuewisdomforgiveness

हर सुबह एक संस्कृत श्लोक, अर्थ सहित — अपने ईमेल पर।

मुफ़्त। हर दिन एक श्लोक। कभी भी अनसब्सक्राइब करें।

हम केवल श्लोक भेजेंगे। कोई स्पैम नहीं, कोई साझा नहीं।