शोको नाशयते धैर्यं

Ramayana2.62.15

शोको नाशयते धैर्यं शोको नाशयते श्रुतम् । शोको नाशयते सर्वं नास्ति शोकसमो रिपुः ॥

शोकःशोक
नाशयतेनष्ट करता है
धैर्यम्धैर्य
श्रुतम्अर्जित ज्ञान
सर्वम्सब कुछ
नास्तिनहीं है
रिपुःशत्रु

शोक धैर्य को नष्ट करता है। शोक अर्जित ज्ञान को नष्ट करता है। शोक सब कुछ नष्ट कर देता है। शोक के समान कोई शत्रु नहीं है।

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