अभिमानो धनं येषां

Subhashitam

अभिमानो धनं येषां चिरं जीवन्ति ते जनाः । अभिमानविहीनानां किं धनेन किमायुषा ॥

येषाम्जिनका
अभिमानःअभिमान / आत्मगौरव
धनम्धन
चिरम्चिरकाल तक
जीवन्तिजीते हैं
तेवे
जनाःलोग
अभिमानविहीनानाम्अभिमान से रहित लोगों के लिए
किम्क्या (प्रयोजन)?
धनेनधन से
आयुषाआयु से

जिनका धन अभिमान (आत्मगौरव) है, वही चिरकाल तक जीते हैं। जिनमें अभिमान नहीं, उनके लिए धन और आयु का क्या प्रयोजन?

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