एकं सद्विप्रा

Rigveda1.164.46

एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति । अग्निं यमं मातरिश्वानमाहुः ॥

एकम्एक
सत्सत्य
विप्राःविद्वान्
बहुधाअनेक रूपों में
वदन्तिकहते हैं
अग्निम्अग्नि
यमम्यम
मातरिश्वानम्मातरिश्वा (वायु)

सत्य एक है; विद्वान् लोग उसे अनेक रूपों में कहते हैं: अग्नि, यम, और मातरिश्वा (वायु)। (ऋग्वेद)

unity of GodVedic wisdommonotheismpluralism

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