न वा अरे मैत्रेयि पत्युः

न वा अरे मैत्रेयि पत्युः कामाय पतिः प्रियो भवति । आत्मनस्तु कामाय पतिः प्रियो भवति ॥

मैत्रेयिमैत्रेयी (नाम)
आत्मनःआत्मा के
तुकिन्तु
कामायके लिए
प्रियःप्रिय

हे मैत्रेयी! पति के लिए पति प्रिय नहीं होता, आत्मा के लिए पति प्रिय होता है।

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